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Friday, 5 July 2013

मै जिन्दा भी नही

















@ 2013 बस यादें सिर्फ यादें ...............
मै जिन्दा भी नही 
बहुत दूर तक मै देखता ही नही हू , 
और पास कुछ नजर आत भी नही 
रह रह के वहम हो उठता है, 
कही चारो तरफ अ`धेरा तो नही   
उनको सोचना छोड दिया आजकल,
और गैरो को याद करके फायदा भी कया 
रह-रह के लेकिन ये खयाल हो उठता है,
उनका छोड के जाना, बुरा सपना तो नही
दस्त्खो पै आजकल मै ध्यान देता नही, 
कइ बार दौडा दरवाजे, कोइ रहता ही नही
शायद रह-रह के कान बज उठते है मेरे, 
ये सोच दौडता हु, कही कोइ अपना तो नही 
अलग-अलग ही रहता हु, मै जरा भीड से, 
उसके बिना भीड मे, हसने का मजा ही नही
बहुत हसता था मै जमाने भर के दीवानो पै, 
बदले मे कही ये उस बात की सजा तो नही .........................
::::::::::::नितीश श्रीवास्तव :::::::::::::

3 comments:

  1. बहुत सुन्दर प्रस्तुति...!
    आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा कल शनिवार (06-07-2013) को <a href="http://charchamanch.blogspot.in/ चर्चा मंच <a href=" पर भी होगी!
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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  2. बहुत सुंदर शुभकामनाये , यहाँ भी पधारे
    http://shoryamalik.blogspot.in/2013/07/blog-post_5.html

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