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Friday, 7 June 2013

क्या सही है जो कल था



















@ 2013 बस यादें सिर्फ यादें ...............
क्या सही है जो कल था,
या जो मैंने चुना ?
या जो आज है ?
या जो कल होगा ?
जिंदगी तू हर जवाब में सवाल क्यों है ?
इतना होकर भी खालीपन का एहसास क्यों है ?
सब पाकर भी और पाने की आस क्यों है ?
सवारने चला था जिंदगी को,
पर फिर भी जिंदगी की मार क्यों है ?
किसी को तो तूने बताया होगा जिंदगी का सार,
फिर भी इस जवाब की तलाश क्यों है ?
::::::::::::नितीश श्रीवास्तव :::::::::::::


4 comments:

  1. बहुत सुन्दर प्रस्तुति...!
    आपको सूचित करते हुए हर्ष हो रहा है कि आपकी इस प्रविष्टि की चर्चा आज शनिवार (08-06-2013) को मैं .... एक खोज या मैं नाजुक हरसिंगार.....यूँ ना मुझे झडने दो में "मयंक का कोना" पर भी है!
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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  2. बहुत सुन्दर रचना ...आभार

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  3. आभारी तो मैं आप सब का हु जो आप सब को मेरी प्रस्तुति पसंद आई बहुत बहुत धन्यवाद डॉ रूप चन्द्र शास्त्री जी और श्री राम रॉय जी ....................

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  4. Bahut sunder Rachna. Thanks. BS.Sharma.12.11.2014

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